रांची (झारखण्ड): शिव शिष्य परिवार के तत्त्वावधान में 'शिव शिष्यता की पृष्ठभूमि, व्याप्ति एवं प्रयोजन' विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का अग्रसेन भवन, रांची में गरिमामय एवं शांतिपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 550 शिवशिष्यों ने सक्रिय भाग लिया।
समापन सत्र में साहब श्री हरींद्रानंद जी का पावन संदेश 'आओ चलें शिव की ओर' प्रमुखता से गुंजायमान हुआ। श्रीमती बरखा आनंद ने अपने सम्बोधन में कहा कि देश, समाज और परिवार की मर्यादाओं को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को भगवान शिव की ओर निरंतर अग्रसर रहना चाहिए।
श्री अर्चित आनंद ने 'गुरु, सद्गुरु एवं जगद्गुरु' विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु मनुष्य के जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करते हैं, जबकि सद्गुरु अपनी असीम कृपा से शिष्य में शिवभाव एवं परमात्मा-प्रेम का अंकुरण करते हैं।
शिव शिष्य परिवार के सचिव श्री अभिनव आनंद ने कहा कि भौतिक प्रकाश लोगों को सांसारिक मार्ग दिखाता है, जबकि आध्यात्मिक प्रकाश मनुष्य को भगवान शिव तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनता है। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन गौतम कुमार ने किया।

